नूतन, प्रनूतन और नित नवीन / जयप्रकाश चौकसे

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नूतन, प्रनूतन और नित नवीन
प्रकाशन तिथि : 19 सितम्बर 2018


मोहनीश बहल की सुपुत्री प्रनूतन को सलमान खान नितिन कक्कड़ द्वारा निर्देशित फिल्म में प्रस्तुत करने जा रहे हैं। ज्ञातव्य है कि सूरज बड़जात्या की फिल्मों में सलमान खान और मोहनीश बहल ने अभिनय किया था। वे एक-दूसरे से संपर्क बनाए हुए हैं। ज्ञातव्य है कि मोहनीश महान कलाकार नूतन के सुपुत्र हैं। जन्म के समय अम्बिलिकल कॉर्ड काटी जाती है परंतु अपने माता-पिता से जुड़े रहने की प्रवृत्ति इतनी प्रबल है कि हम अपने बच्चों के नामकरण में उन्हें जोड़े रहते हैं। प्रनूतन भी ऐसा ही नाम है। शोभना समर्थ की सुपुत्री नूतन ने बिमल रॉय की 'सुजाता' और 'बंदिनी' में अविस्मरणीय अभिनय किया था। शोभना समर्थ और मोतीलाल अंतरंग मित्र रहें और नूतन के अभिनय में हम मोतीलाल के अभिनय की स्वाभाविकता देखते हैं। अमिया चक्रवर्ती की 'सीमा' में नूतन की बहुत प्रशंसा हुई। राज कपूर के साथ नूतन ने ऋषिकेश मुखर्जी की 'अनाड़ी' में भी यादगार काम किया था। अभिनेता ओम प्रकाश ने राज कपूर और नूतन को लेकर 'कन्हैया' नामक फिल्म बनाई थी। कथासार इस तरह है नूतन भगवान श्रीकृष्ण की अनन्य भक्त है और अपने गीतों में उनके पुनरागमन की प्रार्थना करती है। उसी बस्ती में शराबी और आवारा राज कपूर भी रहते हैं और उन्हें गलतफहमी हो जाती कि नूतन उन्हें प्यार करती है। इस तरह की गहराई वाली बात पर बनी फिल्म को शंकर जयकिशन का मधुर संगीत भी बचा नहीं पाया।

अपने शिखर पर रहते नूतन ने नौसेना के अफसर से विवाह किया था। अपनी कमजोरियों से ग्रस्त बहल साहब पत्नी पर शक करते थे और उसे अजीबोगरीब ढंग से अपनी सफाई देने के लिए बाध्य करते थे। मसलन, नूतन और संजीव कुमार के तथाकथित प्रेम-प्रसंग पर उन्होंने नूतन को बाध्य किया कि वे स्टूडियो में संजीव कुमार को सरेआम थप्पड़ मारे। आंसू से डबडबाई आंखें लिए नूतन ने संजीव कुमार को थप्पड़ मारा और संवेदनशील संजीव ने आंखों में असहायता को पढ़कर कोई प्रतिवाद नहीं किया। उन दिनों मोहनीश अपनी मां को अपने पिता द्वारा प्रताड़ित करते हुए देखते थे और अपने क्रोध को पी जाते थे। कालांतर में नूतन कैंसर रोग से ग्रसित हुई। उनकी मृत्यु के कुछ समय बाद उनके पति के फ्लैट में आग लग गई। नींद की गोली खाने के अभ्यस्थ कमांडर साहब जल मरे। उन दिनों पुलिस को यह शक था कि फ्लैट में आग मोहनीश ने लगाई। इसकी गहन जांच हुई और मोहनीश बेकसूर सिद्ध हुए। कुछ प्रकरण ऐसे होते हैं कि सत्य सभी जानते हैं परंतु तूल नहीं देते, क्योंकि वे यह भी जानते हैं कि मरने वाला व्यक्ति दूसरों को पीड़ा देकर उसका आनंद उठाता था। अंग्रेजी भाषा में ऐसे व्यक्ति को सैडिस्ट कहते हैं और अपने कष्ट में आनंद ग्रहण करने वाले को मैसोचिस्ट कहते हैं। एक दौर में व्यक्ति तमाशा यह करता था कि स्वयं की नंगी पीठ पर कोड़ा मारता था और तमाशबीन लोगों उसे पैसे देते थे। यह व्यक्ति मैसोचिस्ट नहीं था, वरन् उसके पास रोजी-रोटी का कोई जरिया नहीं था। अवाम भी इसी तरह स्वयं को कोड़े मारता है। कोड़ा जो भूख है, कोड़ा जो नए-नए कर हैं। सनकीपन भी एक कोड़ा ही है।

नूतन की सगी बहन तनुजा की सुपुत्री काजोल का प्रेम विवाह अजय देवगन से हुआ है। इस जोड़े की संतान भी अभिनय क्षेत्र में प्रवेश करने वाली हैं। इस तरह शोभना समर्थ की सुपुत्रियों का वंश भी अभिनय क्षेत्र में प्रवेश कर रहा है। वे एक-दूसरे से टकरा भी सकते हैं। इस तरह की भिड़ंत से बेहतर अभिनय की चिंगारियां निकलेंगी। इस तरह की चिंगारियां दीपावली पर चलाई फुलझड़ी से निकली चिंगारी की तरह होती हैं।

शोभना समर्थ ने एक फिल्म में सीता का अभिनय किया था और वे पूजनीय बन गई थीं परंतु उनकी विचार शैली तर्कसम्मत थी और इतनी आधुनिका थीं कि उन्होंने अपनी सुपुत्रियों नूतन और तनुजा को स्विट्जरलैंड के फिनिशिंग स्कूल में पढ़ने के लिए भेजा था। एक दौर में फिल्मकार ओपी नैयर हॉलीवुड की फिल्म 'एन अफेयर टू रिमेम्बर' से प्रेरित फिल्म में एक उम्रदराज महिला की भूमिका के लिए वे उनसे मिलने गए। समय दोपहर बाद के 4:00 बजे का था परंतु शोभनाजी ने उनके सामने बीयर या वोदका पीने का प्रस्ताव रखा। दोपहर की चाय पीने के रिवाज को वह अंग्रेजों द्वारा डाली गई बुरी लत मानती थीं। उनकी कोई संतान या पोता-पोती उनकी तरह आधुनिक नहीं है। सच्ची वैचारिक आधुनिकता समय की छलनी से गुजरकर निहायत ही पतली और बेअसर कर दी गई है। उसे पैंट की मोहरी में समेट दिया गया है या घुटने की फटी हुई जींस में समाहित कर दिया गया है।